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Yoga Karne Ke Niyam - Rules of Yoga Aasan - Rules of Yoga Poses

योग साधारण कसरत से बहुत ही अलग है। योगासन को कसरत या व्यायाम कहना गलत है, क्योंकि योग का मुख्य उद्देश्य मांसपेशियों को मजबूत करना नहीं होता है, बल्कि इसका उद्देश्य तनाव और अन्य शारीरिक समस्याओं आदि को दूर करना होता है। योग करने के लिये मनुष्य को आत्मविश्वास और इसके साथ ही कुछ नियम और अनुशासन का निरंतर पालन करने की आवश्यकता होता है। योगासन करने से पहले ये जानना जरूरी होता है कि योग क्या होता है और इसे करने के लिये क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिये। योग अभ्यास का एक प्राचीन रूप है जिसको करने से शरीर की ताकत और श्वास केन्द्रित होते हैं जो कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ा देते हैं। यदि हमें योग करने के लिये नियम और छोटी-छोटी सावधानियों का पता नहीं होगा तो निश्चय ही आपके स्वास्थ्य को लाभ की बजाय नुकसान भी हो सकता है। इसलिये योग करने से पहले योग के नियम की जानकारी होना बहुत ही जरूरी है।
जो निम्नलिखित है :-

1. योग अभ्यास गुरू के दिशा-निर्देश के आधार पर करना चाहिये। .

2. सूर्योदय या सूर्यास्त के वक्त योग का सही समय होता है। .

3. योग करने से पहले स्नान जरूर करें। .

4. योग खाली पेट करें।.

5. योग करते समय आरामदायक सूती कपड़े पहनना चाहिये।.

6. योग करने के लिये साफ जगह व शांत वातावरण होना चाहिये।.

7. अपना पूरा ध्यान अपने योग अभ्यास पर केन्द्रित करें।

8. योग करते समय अपने शरीर के साथ जबरदस्ती नहीं करनी चाहिये।

9. लगातार योग अभ्यास करते रहना चाहिये।.

10.महिलाओं के लिये योग :- महिलाओं को उनके मासिक धर्म के दौरान योग नहीं करना चाहिये। क्योंकि इस अवधि में गर्भाशय गुहा खुला रहता है और रक्त-स्त्राव की प्रक्रिया जारी रहती है। अतः इस दौरान योग करने से रक्त-स्त्राव सम्बन्धी गंभीर समस्यायें भी हो सकती हैं। इसके अलावा यदि कोई महिला गर्भवती है तो उसे गर्भावस्था के दौरान योग नहीं करना चाहिये। गर्भावस्था के 3 महीने बाद योग के कुछ सरल आसन किये जा सकते हैं, किंतु ऐसी स्थिति में योग करने से पहले योग-प्रशिक्षक से अवश्य सलाह लें। .